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Gulf War Oil Crisis के कारण Israel–Iraq–America War ने खाड़ी देशों के तेल बाजार को हिला दिया है। जानिए oil prices, global economy और इंसानियत पर इसके खतरनाक असर का पूरा विश्लेषण।

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“तेल की आग में झुलसता भविष्य: हर धमाका एक सपना छीन लेता है”

युद्ध से शांति ढूंढते हो, यदि शांति से ख़ुशी तलाशते तो दुनिया स्वर्ग हो जाती। जितने डॉलर युद्ध की आग में झोंके जा रहे हैं, अगर उनका आधा भी इंसानियत के जख्म भरने में खर्च होता, तो शायद आज खाड़ी के रेगिस्तान भी अमन की खुशबू से महक रहे होते। लेकिन आज की सच्चाई यह

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कवि विक्रमादित्य सिंह: शब्दों से राष्ट्र जागरण तक, “राष्ट्र सेवा सम्मान” से सम्मानित एक प्रेरक व्यक्तित्व

साहित्य, समाज सेवा और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम—कटक के शहीद भवन में मिला सम्मान, युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत जब शब्दों में आग हो, विचारों में राष्ट्रभक्ति हो और कर्मों में समाजसेवा का जज़्बा—तो एक साधारण इंसान भी असाधारण बन जाता है। आज के समय में जहां साहित्य अक्सर केवल अभिव्यक्ति तक सीमित रह

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“मन–मोदी” पुस्तक : विकसित भारत की साझा सोच का दस्तावेज़

भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में कुछ ऐसे दौर होते हैं, जो केवल समय की धारा में बहकर नहीं गुजरते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए दिशा और दृष्टि दोनों तय करते हैं। “मन–मोदी” ऐसी ही एक पुस्तक है, जो देश के उन दो महत्वपूर्ण दशकों की कहानी कहती है—एक ऐसा समय जब भारत ने दो

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फ़िरोज़ गांधी की अनकही कहानी (भाग – 5): अंतिम सफर और अमर विरासत

संघर्षों से भरा अंतिम दौर फ़िरोज़ गांधी के जीवन का अंतिम चरण जितना शांत दिखता है, उतना ही भीतर से संघर्षों से भरा हुआ था। एक ओर उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक जीवन की जिम्मेदारियाँ भी कम नहीं हुई थीं। संसद में उनकी सक्रियता पहले की तरह ही बनी रही,

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फ़िरोज़ गांधी की अनकही कहानी (भाग – 4)

सत्ता के गलियारों में एक अलग पहचान भारतीय राजनीति में अक्सर रिश्तों और पदों के आधार पर पहचान बनाई जाती रही है, लेकिन फ़िरोज़ गांधी उन चुनिंदा नेताओं में थे जिन्होंने अपनी अलग पहचान खुद गढ़ी। संसद में उनकी मौजूदगी केवल एक सांसद के रूप में नहीं, बल्कि एक निर्भीक प्रहरी के रूप में महसूस

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