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मशालों की रोशनी में गूंजा शहीद भगत सिंह का संदेश, प्रताप नगर में युवाओं ने कहा—‘इंकलाब जिंदाबाद’

जयपुर के प्रताप नगर में अमर शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित मशाल मार्च ने देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का ऐसा वातावरण बनाया, जिसमें हर कदम पर शहीदों के प्रति सम्मान और हर आवाज में राष्ट्रप्रेम की भावना दिखाई दी। 27 सितंबर की शाम आयोजित इस मशाल मार्च में बड़ी संख्या में नागरिकों, विशेषकर युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में जलती मशालें और जुबां पर देशभक्ति के नारे इस आयोजन को यादगार बना रहे थे।

मशाल मार्च की शुरुआत नियर कोचिंग हब, 6 नंबर चौराहा से हुई। इसके बाद प्रभु दयाल मार्ग होते हुए मार्च भगत सिंह चौराहा तक पहुंचा। रास्ते भर लोगों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम् और ‘भगत सिंह अमर रहें’ जैसे नारों से वातावरण को राष्ट्रभक्ति से भर दिया। ‘जहाँ हुए बलिदान भगत सिंह, वो लाहौर हमारा है’ जैसे नारों ने युवाओं और नागरिकों में इतिहास, शौर्य और देश के प्रति अपने कर्तव्य की भावना को और मजबूत किया।

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इस आयोजन में वार्ड नंबर 53 के नवनिर्वाचित भाजपा पार्षद सतीश कुमार जयपुरिया सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और युवा शामिल हुए। किशन जी, विजय मिश्रा जी, राहुल कुमार, अंकित शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने मशाल मार्च में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

मशाल सिर्फ हाथों में नहीं, दिलों में भी जली

यह मशाल मार्च केवल एक यात्रा नहीं थी। यह उन विचारों को याद करने का अवसर था, जिनके लिए भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों ने अपना जीवन देश के नाम कर दिया। हाथ में उठी हर मशाल मानो यह संदेश दे रही थी कि स्वतंत्रता केवल इतिहास का अध्याय नहीं, बल्कि उसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी वर्तमान पीढ़ी की है।

विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रही। आज जब युवा पीढ़ी के सामने करियर, तकनीक और प्रतिस्पर्धा की अनेक चुनौतियां हैं, ऐसे आयोजनों के माध्यम से उन्हें देश के स्वतंत्रता संग्राम और महान बलिदानों से जोड़ना बेहद महत्वपूर्ण है। भगत सिंह का जीवन युवाओं को साहस, विचारों की स्वतंत्रता, अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है।

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देशभक्ति नारों से गूंजा प्रताप नगर

मशाल मार्च के दौरान ‘वंदे मातरम्’, ‘भारत माता की जय’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। लोगों की एकजुटता ने यह संदेश दिया कि देश के प्रति प्रेम किसी एक वर्ग, उम्र या विचारधारा तक सीमित नहीं है। राष्ट्रहित में जब समाज एक साथ खड़ा होता है, तो वही एकता देश की सबसे बड़ी ताकत बनती है।

भगत सिंह की विरासत हमें केवल उनके बलिदान को याद करने के लिए नहीं, बल्कि उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित करती है। आज आवश्यकता है कि हम देशभक्ति को केवल नारों और आयोजनों तक सीमित न रखें, बल्कि ईमानदारी, जिम्मेदारी, सामाजिक सद्भाव और जनहित के कार्यों में भी उसे उतारें।

प्रताप नगर की सड़कों पर जलती मशालों ने यही संदेश दिया—शहीदों का सम्मान तभी सार्थक है, जब उनके सपनों के भारत को मजबूत बनाने के लिए हम अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाएं।

वंदे मातरम्।
भारत माता की जय।
इंकलाब जिंदाबाद।
शहीद भगत सिंह अमर रहें।

विनय श्रीवास्तव
लेखक | ब्लॉगर | स्वतंत्र पत्रकार

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