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समाज और सच्चाई

समाज और सच्चाई

पितृपक्ष: जब स्मृतियों में लौट आते हैं माता-पिता, संस्कार और उनका अनंत आशीर्वाद

पितृपक्ष केवल कैलेंडर में आने वाले कुछ दिनों का नाम नहीं है। यह उन रिश्तों को याद करने का अवसर है, जिनकी वजह से हमारा अस्तित्व है। यह समय हमें अपनी जड़ों की ओर लौटने, अपने पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करने और यह स्वीकार करने का अवसर देता है कि आज हम जो कुछ भी

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समाज और सच्चाई

आयुर्वेद की राह पर स्वस्थ जीवन की पहल

चंपारण में बढ़ रहा बेस्ट विजन हेल्थ सप्लीमेंट का भरोसा “आयुर्वेद अपनाएं, स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन पाएं” प्राकृतिक स्वास्थ्य और जीवनशैली सुधार को लेकर लोगों में बढ़ी रुचि, आयुर्वेदिक परामर्श के साथ प्रभावी सहायक उत्पाद उपलब्ध कराने का दावा। चंपारण, बिहार। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों

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विनय श्रीवास्तव लेखक | ब्लॉगर | स्वतंत्र पत्रकार
समाज और सच्चाई

मर न सके हम देश की खातिर, लेकिन जी तो सकते हैं

देश के लिए मरना ही नहीं, देश के लिए जीना भी सीखें स्वतंत्रता दिवस विशेष क्या देशभक्ति सिर्फ सीमा पर शहीद होने का नाम है? या फिर हर भारतीय अपने रोज़मर्रा के जीवन में भी एक सच्चा देशभक्त बन सकता है? अगस्त का महीना आते ही भारत का वातावरण जैसे अचानक तिरंगे के रंगों में

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समाज और सच्चाई

पद रहित सेवा ही विकास का मूलमंत्र, जिसे जयपुर के ये समाजसेवी अपने कर्म से कर रहे हैं साकार

“वतन की मिट्टी से बढ़कर कोई तीर्थ नहीं, तिरंगे से बढ़कर कोई सम्मान नहीं और देश के लिए कुछ कर गुजरने से बढ़कर कोई गौरव नहीं।” स्वतंत्रता दिवस केवल उस आजादी का उत्सव नहीं है, जो हमें वर्षों के संघर्ष और असंख्य बलिदानों के बाद मिली, बल्कि यह अवसर हमें यह सोचने का भी देता

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समाज और सच्चाई

दोस्ती ऐसी हो कि दोस्त कहे—“तू क्यों घबराता है, मैं हूँ ना!”

कृष्ण और सुदामा की मित्रता की कल्पना आज के दौर में शायद मुश्किल ही नहीं, लगभग असंभव सी लगती है। वह दोस्ती किसी स्वार्थ, जरूरत या मतलब की जमीन पर खड़ी नहीं थी। वहां न अमीरी-गरीबी का फर्क था, न राजा और साधारण मित्र का अहसास। सुदामा के पास देने के लिए शायद कुछ नहीं

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MBBS ही मंज़िल नहीं, मेडिकल साइंस में सफलता के अनेक सुनहरे रास्ते हैं
राजनीति, समाज और सच्चाई

NEET Result 2026: MBBS नहीं मिला तो निराश क्यों ? मेडिकल साइंस में सफलता के 6 बेहतरीन करियर विकल्प जानिये

“जीवन में कई बार मंज़िल नहीं बदलती, केवल वहाँ तक पहुँचने का रास्ता बदल जाता है। इसलिए किसी एक परीक्षा का परिणाम आपके सपनों का अंतिम फैसला नहीं हो सकता।” करीब 22 लाख विद्यार्थियों ने इस वर्ष NEET-UG परीक्षा दी, लेकिन पूरे देश में MBBS की लगभग 1.25 लाख सीटें ही उपलब्ध हैं। यानी लाखों

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