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अध्यात्म

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‘हनुमान अंश’ की अनोखी कहानी: फिल्म ने दर्शकों को नहीं खोजा, दर्शकों ने खुद खोज ली राह

जब मनुष्य की आंखें बंद होती हैं, तब भी यदि भीतर विश्वास का दीपक जल रहा हो तो रास्ते दिखाई देने लगते हैं। और जब किसी कहानी में आस्था, सेवा, समर्पण और प्रभु के प्रति अटूट भरोसा उतर आए, तो वह केवल कहानी नहीं रहती, वह किसी के जीवन का अनुभव बन जाती है। भारतीय

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अध्यात्म

श्रीकृष्ण का संदेश: परिस्थितियों को नहीं, अपने साहस को पहचानिए

कर्ण के प्रश्नों से श्रीकृष्ण के उत्तर तक—संघर्ष, मुस्कान और कर्म की वह सीख, जो कठिन समय में जीवन को नई दिशा देती है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव नहीं है। यह उस दिव्य चेतना का स्मरण है, जो मनुष्य को जीवन के सबसे कठिन क्षणों में भी टूटने नहीं, बल्कि

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हिन्दी महाकाव्य दृश्य संकलन
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क्या विचारों में राम और बुद्धि में कृष्ण ही आज के समय में सफल जीवन जीने की सबसे बड़ी साधना है?

राम की करुणा और कृष्ण की नीति — क्या यही है कलियुग का संतुलित धर्म ? भारत की आध्यात्मिक परंपरा ने संसार को केवल पूजा-पद्धति नहीं दी, बल्कि जीवन जीने की ऐसी कला दी है, जो हर युग में मनुष्य का मार्गदर्शन करती रही है। जब भी समाज भ्रमित हुआ, जब भी सत्य और असत्य

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भक्ति और समर्पण का आह्वान
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आख़िर अनंत अंबानी ने करोड़ों की दौलत के बावजूद क्यों करवाया बाल-दान? जानिए इसके पीछे छिपा आध्यात्मिक रहस्य

धन, दौलत और प्रसिद्धि इंसान को ऊँचाइयों तक पहुँचा सकती है, लेकिन ईश्वर के दरबार में हर व्यक्ति केवल एक भक्त होता है। यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहाँ राजा और रंक, उद्योगपति और किसान, सभी एक समान भाव से भगवान के सामने शीश झुकाते हैं। हाल ही में देश के

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अध्यात्म

क्या रामभक्तों की आस्था से हुआ खिलवाड़? अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद ने खड़े किए कई बड़े सवाल

आस्था का केंद्र बना सवालों के घेरे में अयोध्या का श्रीराम मंदिर केवल ईंट, पत्थर और वास्तुकला का अद्भुत नमूना नहीं है, बल्कि यह करोड़ों हिंदुओं की सदियों पुरानी आस्था, संघर्ष और संकल्प का जीवंत प्रतीक है। लगभग पांच सौ वर्षों तक चले संघर्ष, अनगिनत बलिदानों और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद जब श्रीराम मंदिर

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हरे कृष्णा
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आपके “परमानेंट अकाउंट” की क्या स्थिति है? आपने अपना अकाउंट देखा क्या ?

मनुष्य अपने जीवन में अनेक प्रकार के अकाउंट बनाता है। कोई बैंक बैलेंस बढ़ाने में लगा है, कोई जमीन-जायदाद जोड़ने में, कोई शोहरत कमाने में। सुबह से लेकर रात तक इंसान भागता रहता है, संघर्ष करता रहता है, योजनाएँ बनाता है, ताकि उसका संसार मजबूत हो सके। लेकिन एक प्रश्न ऐसा है जो शायद हम

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