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► यास्तिका भाटिया : भाग–1► स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रभक्ति का महापर्व: ‘मेरा भारत महान’ कार्यक्रम में होगा भारत वैभव सम्मान-2026 का भव्य आयोजन► शब्दों के साधक, संघर्ष, शुचिता और साहित्य की अनवरत साधना: श्री गिरीश पंकज जी से विशेष बातचीत► समाज में बढ़ती संवेदनहीनता: क्या हम इतने पत्थरदिल हो गए हैं कि नौकरी, लालच और अहंकार के लिए माँ-बाप भी बोझ लगने लगे?► युवाओं की हालत: आज की पीढ़ी का द्वंद्व और अनिश्चितता का सच► क्या मेडिकल कॉलेज शिक्षा के मंदिर हैं या छात्रों की प्रताड़ना के केंद्र? MBBS छात्रों के गंभीर आरोपों ने खड़े किए बड़े सवाल► क्या विचारों में राम और बुद्धि में कृष्ण ही आज के समय में सफल जीवन जीने की सबसे बड़ी साधना है?► आमिर खान की तीसरी शादी-भाग 2 : “मेरी ज़िंदगी, मेरी मर्ज़ी” बनाम “सार्वजनिक जीवन, सार्वजनिक जिम्मेदारी”► आमिर खान की तीसरी शादी और बदलते “सेलिब्रिटी संस्कार” पर बड़ा सवाल – क्या 61 की उम्र में फिर रिश्तों की तलाश समाज को सही संदेश देती है?► केतन हत्याकांड: रिश्तों की बागडोर और हमारी ज़िम्मेदारी — क्या हिंसा नई पीढ़ी के भविष्य को निगल रही है?► यास्तिका भाटिया : भाग–1► स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रभक्ति का महापर्व: ‘मेरा भारत महान’ कार्यक्रम में होगा भारत वैभव सम्मान-2026 का भव्य आयोजन► शब्दों के साधक, संघर्ष, शुचिता और साहित्य की अनवरत साधना: श्री गिरीश पंकज जी से विशेष बातचीत► समाज में बढ़ती संवेदनहीनता: क्या हम इतने पत्थरदिल हो गए हैं कि नौकरी, लालच और अहंकार के लिए माँ-बाप भी बोझ लगने लगे?► युवाओं की हालत: आज की पीढ़ी का द्वंद्व और अनिश्चितता का सच► क्या मेडिकल कॉलेज शिक्षा के मंदिर हैं या छात्रों की प्रताड़ना के केंद्र? MBBS छात्रों के गंभीर आरोपों ने खड़े किए बड़े सवाल► क्या विचारों में राम और बुद्धि में कृष्ण ही आज के समय में सफल जीवन जीने की सबसे बड़ी साधना है?► आमिर खान की तीसरी शादी-भाग 2 : “मेरी ज़िंदगी, मेरी मर्ज़ी” बनाम “सार्वजनिक जीवन, सार्वजनिक जिम्मेदारी”► आमिर खान की तीसरी शादी और बदलते “सेलिब्रिटी संस्कार” पर बड़ा सवाल – क्या 61 की उम्र में फिर रिश्तों की तलाश समाज को सही संदेश देती है?► केतन हत्याकांड: रिश्तों की बागडोर और हमारी ज़िम्मेदारी — क्या हिंसा नई पीढ़ी के भविष्य को निगल रही है?► यास्तिका भाटिया : भाग–1► स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रभक्ति का महापर्व: ‘मेरा भारत महान’ कार्यक्रम में होगा भारत वैभव सम्मान-2026 का भव्य आयोजन► शब्दों के साधक, संघर्ष, शुचिता और साहित्य की अनवरत साधना: श्री गिरीश पंकज जी से विशेष बातचीत► समाज में बढ़ती संवेदनहीनता: क्या हम इतने पत्थरदिल हो गए हैं कि नौकरी, लालच और अहंकार के लिए माँ-बाप भी बोझ लगने लगे?► युवाओं की हालत: आज की पीढ़ी का द्वंद्व और अनिश्चितता का सच► क्या मेडिकल कॉलेज शिक्षा के मंदिर हैं या छात्रों की प्रताड़ना के केंद्र? MBBS छात्रों के गंभीर आरोपों ने खड़े किए बड़े सवाल► क्या विचारों में राम और बुद्धि में कृष्ण ही आज के समय में सफल जीवन जीने की सबसे बड़ी साधना है?► आमिर खान की तीसरी शादी-भाग 2 : “मेरी ज़िंदगी, मेरी मर्ज़ी” बनाम “सार्वजनिक जीवन, सार्वजनिक जिम्मेदारी”► आमिर खान की तीसरी शादी और बदलते “सेलिब्रिटी संस्कार” पर बड़ा सवाल – क्या 61 की उम्र में फिर रिश्तों की तलाश समाज को सही संदेश देती है?► केतन हत्याकांड: रिश्तों की बागडोर और हमारी ज़िम्मेदारी — क्या हिंसा नई पीढ़ी के भविष्य को निगल रही है?

अध्यात्म

हिन्दी महाकाव्य दृश्य संकलन
अध्यात्म

क्या विचारों में राम और बुद्धि में कृष्ण ही आज के समय में सफल जीवन जीने की सबसे बड़ी साधना है?

राम की करुणा और कृष्ण की नीति — क्या यही है कलियुग का संतुलित धर्म ? भारत की आध्यात्मिक परंपरा ने संसार को केवल पूजा-पद्धति नहीं दी, बल्कि जीवन जीने की ऐसी कला दी है, जो हर युग में मनुष्य का मार्गदर्शन करती रही है। जब भी समाज भ्रमित हुआ, जब भी सत्य और असत्य […]

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भक्ति और समर्पण का आह्वान
अध्यात्म

आख़िर अनंत अंबानी ने करोड़ों की दौलत के बावजूद क्यों करवाया बाल-दान? जानिए इसके पीछे छिपा आध्यात्मिक रहस्य

धन, दौलत और प्रसिद्धि इंसान को ऊँचाइयों तक पहुँचा सकती है, लेकिन ईश्वर के दरबार में हर व्यक्ति केवल एक भक्त होता है। यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहाँ राजा और रंक, उद्योगपति और किसान, सभी एक समान भाव से भगवान के सामने शीश झुकाते हैं। हाल ही में देश के

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अध्यात्म

क्या रामभक्तों की आस्था से हुआ खिलवाड़? अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद ने खड़े किए कई बड़े सवाल

आस्था का केंद्र बना सवालों के घेरे में अयोध्या का श्रीराम मंदिर केवल ईंट, पत्थर और वास्तुकला का अद्भुत नमूना नहीं है, बल्कि यह करोड़ों हिंदुओं की सदियों पुरानी आस्था, संघर्ष और संकल्प का जीवंत प्रतीक है। लगभग पांच सौ वर्षों तक चले संघर्ष, अनगिनत बलिदानों और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद जब श्रीराम मंदिर

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हरे कृष्णा
अध्यात्म

आपके “परमानेंट अकाउंट” की क्या स्थिति है? आपने अपना अकाउंट देखा क्या ?

मनुष्य अपने जीवन में अनेक प्रकार के अकाउंट बनाता है। कोई बैंक बैलेंस बढ़ाने में लगा है, कोई जमीन-जायदाद जोड़ने में, कोई शोहरत कमाने में। सुबह से लेकर रात तक इंसान भागता रहता है, संघर्ष करता रहता है, योजनाएँ बनाता है, ताकि उसका संसार मजबूत हो सके। लेकिन एक प्रश्न ऐसा है जो शायद हम

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अध्यात्म

पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) : भक्ति, कृपा और आत्मशुद्धि का दिव्य अवसर (17 मई से 15 जून 2026)

जब स्वयं भगवान ने एक उपेक्षित मास को अपना नाम दिया सनातन धर्म की परंपराओं में प्रत्येक पर्व, व्रत और मास का अपना विशेष महत्व है, किन्तु वर्ष में आने वाला पुरुषोत्तम मास, जिसे अधिक मास भी कहा जाता है, अत्यंत दुर्लभ और दिव्य माना गया है। यह केवल एक कालखंड नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण

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अध्यात्म

🌺 गुप्त वृन्दावन धाम: सेवा, समर्पण और श्रीकृष्ण कृपा का दिव्य संगम

✨ “प्रभु को हमारी सेवा की आवश्यकता नहीं, पर उनकी सेवा का अवसर ही जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है।” राजस्थान की पावन भूमि, जयपुर के जगतपुरा में एक ऐसा दिव्य स्वप्न आकार ले रहा है, जो केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं, बल्कि भक्ति के पुनर्जागरण का माध्यम बन रहा है—गुप्त वृन्दावन धाम। यह

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