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साहित्य संग्रह

जेन जी की LOL भाषा और हमारी उलझन!

“जीनीयस जनरेशन की ‘लोल’ भाषा” आज के जेन जी यानी नई पीढ़ी ने जिंदगी को इतना तेज कर दिया है कि अब शब्द भी हांफने लगे हैं। पहले लोग चिट्ठियां लिखते थे, फिर एसएमएस आया और अब तो लगता है कि अक्षरों की छुट्टी कर दी गई है। दो पीढ़ियों के बीच संवाद का अंतर

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राजनीति

दिल्ली को बंधक बनाने की राजनीति बंद करो! जनता के अधिकारों से खिलवाड़ आखिर कब तक?

लोकतंत्र के नाम पर आम आदमी को जाम, आर्थिक नुकसान और परेशानी की सजा क्यों? विदेश से आकर भारत की राजनीति में हस्तक्षेप करने वालों और चुनिंदा मुद्दों पर सक्रिय रहने वाले संगठनों से भी पूछे जाने चाहिए तीखे सवाल। दिल्ली देश की राजधानी है, किसी राजनीतिक दल, यूट्यूबर या प्रदर्शनकारी संगठन की निजी जागीर

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प्रेरक व्यक्तित्व, साहित्य संग्रह

एक सदी की ‘वीणा’, एक साधक का जीवन और एक आत्मीय संवाद

विनय श्रीवास्तव से राकेश शर्मा जी की बातचीत में साहित्य, संघर्ष और शब्दों की अनवरत साधना कुछ मुलाकातें केवल मुलाकातें नहीं होतीं, वे अपने पीछे एक पूरा समय, एक पूरा अनुभव और अनेक अनकही कहानियां छोड़ जाती हैं। श्री राकेश शर्मा जी से बातचीत भी कुछ ऐसी ही अनुभूति रही। सामने एक ऐसे साहित्य-साधक थे,

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राजनीति

मशालों की रोशनी में गूंजा शहीद भगत सिंह का संदेश, प्रताप नगर में युवाओं ने कहा—‘इंकलाब जिंदाबाद’

जयपुर के प्रताप नगर में अमर शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित मशाल मार्च ने देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का ऐसा वातावरण बनाया, जिसमें हर कदम पर शहीदों के प्रति सम्मान और हर आवाज में राष्ट्रप्रेम की भावना दिखाई दी। 27 सितंबर की शाम आयोजित इस मशाल मार्च में बड़ी संख्या में

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समाज और सच्चाई

पितृपक्ष: जब स्मृतियों में लौट आते हैं माता-पिता, संस्कार और उनका अनंत आशीर्वाद

पितृपक्ष केवल कैलेंडर में आने वाले कुछ दिनों का नाम नहीं है। यह उन रिश्तों को याद करने का अवसर है, जिनकी वजह से हमारा अस्तित्व है। यह समय हमें अपनी जड़ों की ओर लौटने, अपने पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करने और यह स्वीकार करने का अवसर देता है कि आज हम जो कुछ भी

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साहित्य संग्रह

भाषाएँ अनेक, साहित्य एक! भुवनेश्वर में 26-27 सितंबर को श्रीक्षेत्र राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव

श्रीक्षेत्र राष्ट्रीय साहित्य महोत्सवश्रीक्षेत्र राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव का पाँचवाँ संस्करण 26–27 सितंबर को जयदेव भवन, भुवनेश्वर में बहुभाषी कवि सम्मेलन में एक दर्जन से अधिक भारतीय भाषाओं के 100 से अधिक कवि एवं साहित्यकार होंगे शामिल भारत के श्रीक्षेत्र राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव (S.N.L.F.) का पाँचवाँ संस्करण आगामी 26 एवं 27 सितंबर को ओडिशा की राजधानी

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