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प्रेरक व्यक्तित्व

प्रेरणादायक व्यक्तित्वों, समाजसेवियों, लेखकों, कलाकारों और अपने कार्यों से समाज को नई दिशा देने वाले लोगों की प्रेरक कहानियाँ और जीवन परिचय।

प्रेरक व्यक्तित्व, साहित्य संग्रह

एक सदी की ‘वीणा’, एक साधक का जीवन और एक आत्मीय संवाद

विनय श्रीवास्तव से राकेश शर्मा जी की बातचीत में साहित्य, संघर्ष और शब्दों की अनवरत साधना कुछ मुलाकातें केवल मुलाकातें नहीं होतीं, वे अपने पीछे एक पूरा समय, एक पूरा अनुभव और अनेक अनकही कहानियां छोड़ जाती हैं। श्री राकेश शर्मा जी से बातचीत भी कुछ ऐसी ही अनुभूति रही। सामने एक ऐसे साहित्य-साधक थे,

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प्रेरक व्यक्तित्व

समय के शिल्पी, मानवता के मसीहा: कर्मयोगी कवि संदीप कपूर ‘वक़्तनाम’

“प्रकृति को बचाएंगे… दुनिया को बदल देंगे। नया इतिहास बनाएंगे… सबको संबल देंगे।।” यह केवल शब्दों की पंक्तियाँ नहीं हैं, बल्कि एक ऐसे जुझारू कर्मयोगी के जीवन की अंतरात्मा की पुकार और ध्येय वाक्य हैं, जिन्होंने अपनी हर सांस, अपनी हर सोच और अपने जीवन का एक-एक क्षण मानवता, अध्यात्म, प्रकृति संरक्षण और विश्व कल्याण

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प्रेरक व्यक्तित्व

मेरी कलम, मेरी यात्रा और चौदह वर्षों का विश्वास

जब चौदह साल तक उठाई जनहित की आवाज को मिला सम्मान, तो सबसे पहले माता-पिता और श्रीकृष्ण याद आए कुछ सम्मान ऐसे होते हैं, जिन्हें हाथ में लेते समय आंखें केवल सामने नहीं देखतीं, बल्कि पीछे मुड़कर पूरा जीवन देखने लगती हैं। मेरे लिए भारतेंदु हरिश्चंद्र गौरव सम्मान-2026 और भारत वैभव सम्मान-2026 ऐसे ही दो

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प्रेरक व्यक्तित्व, राजनीति

­­शरणार्थी शिविर से संयुक्त राष्ट्र तक… फिर राष्ट्रसेवा के शिखर तक—हरदीप सिंह पुरी की वह यात्रा जो हार मानना नहीं सिखाती!

कुछ जीवन केवल सफलता की कहानी नहीं होते, वे संघर्ष से संकल्प तक पहुंचने की पूरी पाठशाला होते हैं।श्री हरदीप सिंह पुरी का जीवन भी ऐसी ही एक यात्रा है—जहाँ विभाजन की पीड़ा से शुरू हुई कहानी शिक्षा, अनुशासन, कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और अंततः सार्वजनिक जीवन में सेवा के एक लंबे अध्याय में बदलती दिखाई

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प्रेरक व्यक्तित्व

जिसने मेरी कलम को पहली पहचान दी… वह नाम है श्री राजेंद्र गुप्ता

एक संपादक, जिन्होंने अनजान लेखक में भविष्य का लेखक देख लिया 3 सितंबर को उनके जन्मदिन के अवसर पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए मेरे मन में उनके प्रति केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि गहरी कृतज्ञता का भाव भी उमड़ता है। जीवन में कुछ लोग ऐसे मिलते हैं, जिनका एक छोटा-सा सहयोग हमारी पूरी दिशा बदल

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प्रेरक व्यक्तित्व

निष्काम कर्मयोगी मुकेश यादव: बीमारी को हरा कर समाज सेवा की अलख जगाने वाले एक सच्चे नायक

एक सरकारी कर्मचारी की अभूतपूर्व जीवन-यात्रा, जो सेवानिवृत्ति के बाद भी अपना पूरा जीवन समाज को समर्पित करने का अनूठा संकल्प लिए हुए है। कर्तव्यनिष्ठता और समाज सेवा का अद्भुत संगम: एक निस्वार्थ जीवन-यात्रा समाज में प्रायः यह धारणा देखने को मिलती है कि सरकारी नौकरी में व्यस्त रहने वाले व्यक्ति अपने दैनिक दायित्वों से

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