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प्रेरक व्यक्तित्व

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डॉ. बशीर बद्र: उर्दू ग़ज़ल के वो शहंशाह, जिनकी शायरी ने लाखों दिलों को छू लिया

91 वर्ष की उम्र में भोपाल में अंतिम सांस ली – एक भावुक श्रद्धांजलि उर्दू अदब की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जो सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन जाते हैं। डॉ. बशीर बद्र ऐसा ही एक नाम थे। उनकी ग़ज़लें सिर्फ महफ़िलों में […]

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अन्नू कपूर की फिल्म “हमारे बारह” में गीत लिखने वाले वैज्ञानिक, साहित्यकार और गीतकार “डॉ. बब्बन जी” से विनय श्रीवास्तव की विशेष बातचीत

विज्ञान की कठोर दुनिया और साहित्य की कोमल संवेदनाओं को एक साथ जीना हर किसी के बस की बात नहीं होती। लेकिन डॉ. बब्बन जी उन विरले व्यक्तित्वों में से हैं जिन्होंने प्रयोगशाला की गंभीरता के बीच भी शब्दों की गर्माहट को कभी मरने नहीं दिया। एक ओर वे विज्ञान और शोध की दुनिया में

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किराने की दुकान के छोटे स्टोर रूम से ग्लोबल कंपनी तक: हरेश गोयल की संघर्ष, समर्पण और सफलता की प्रेरक कहानी

किसी ने सच ही कहा है—“अगर इरादे मजबूत हों, तो छोटी सी शुरुआत भी एक दिन बड़ी मंज़िल तक पहुँचा देती है।”यह कहानी ऐसे ही एक इंसान की है, जिसने अभावों में जन्म लिया, संघर्षों में खुद को तराशा और अपने सपनों को मेहनत की रोशनी से सच कर दिखाया। यह कहानी है हरेश गोयल

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पटना की गलियों से मायानगरी तक: “एक पल का जीना, फिर तो है जाना…” लिखने वाले बॉलीवुड के मशहूर गीतकार और शायर विजय अकेला की अनकही दास्तान

विशेष साक्षात्कार ✍️ विनय श्रीवास्तव (लेखक | ब्लॉगर | स्वतंत्र पत्रकार) ज़िंदगी को जीतने की आरज़ू में यूँ हुआ, ज़िंदगी भी ना मिली और रूह प्यासी हो गई…….विजय अकेला बॉलीवुड के मशहूर गीतकार, शायर और संवेदनशील शब्दों के जादूगर श्री विजय अकेला — एक ऐसा नाम, जिसने अपने अल्फाज़ों से करोड़ों दिलों की धड़कनों को

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संघर्ष, संस्कार और सफलता की मिसाल: श्रीमती लड़बाई मीना जी और श्री शिवचरण मीना जी की प्रेरक जीवन गाथा

संघर्ष, संस्कार और सफलता की मिसाल: श्रीमती लड़बाई मीना जी और श्री शिवचरण मीना जी की प्रेरक जीवन गाथा संघर्ष की मिट्टी में जन्मी एक असाधारण कहानी राजस्थान के करौली जिले की हिण्डौन सिटी तहसील के छोटे से गाँव टोडूपुरा की यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि उस अदम्य जज़्बे की है जो

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🌾 गांव की बेटी बनी IAS: बिना कोचिंग ऐसे हासिल की सफलता

भारत के किसी छोटे से गांव की सुबह…जहां सूरज की पहली किरण खेतों पर पड़ती है, और मिट्टी की खुशबू हवा में घुल जाती है — वहीं से शुरू होती है इस कहानी की शुरुआत। यह कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि एक सच्चाई है, जो हर उस छात्र के दिल को छूती है

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