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“दरकती दीवारें: 7 सांसदों के पलायन से केजरीवाल की रणनीति पर बड़े सवाल

भारतीय राजनीति में कभी “वैकल्पिक राजनीति” का चेहरा बनकर उभरी Aam Aadmi Party आज अपने सबसे कठिन दौर से गुजरती दिखाई दे रही है। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से निकली इस पार्टी ने दिल्ली में ऐतिहासिक जीत दर्ज की, पंजाब में सरकार बनाई और राष्ट्रीय स्तर पर खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश

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महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका: दो-तिहाई बहुमत की दीवार और अधूरी उम्मीदों की लंबी कहानी

भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की मांग कोई नई नहीं रही है, लेकिन “महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका” यह वाक्य कई दशकों तक इस पूरे मुद्दे की सच्चाई को बयां करता रहा। संसद से लेकर सड़कों तक, राजनीतिक मंचों से लेकर सामाजिक आंदोलनों तक—हर जगह इस बात पर सहमति थी कि

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हेरिटेज इंडिया मारुति फाउंडेशन का “सेहत से समृद्धि” कार्यक्रम: पत्रकारों के स्वास्थ्य-सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय पहल

रायपुर, 6 अप्रैल 2026राजधानी रायपुर के जय स्तंभ चौक स्थित होटल आदित्य में हेरिटेज इंडिया मारुति फाउंडेशन द्वारा आयोजित “सेहत से समृद्धि” कार्यक्रम ने पत्रकार समुदाय के बीच स्वास्थ्य जागरूकता का एक प्रेरणादायी संदेश प्रसारित किया। यह आयोजन न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम था, बल्कि तेज़ रफ्तार, चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण पत्रकारिता जीवन में संतुलन स्थापित

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क्या अमेरिका ईरान को खत्म करना चाहता है? या यह रणनीतिक शक्ति संतुलन की लड़ाई है

2026 में उभरता अमेरिका-ईरान संघर्ष सिर्फ एक युद्ध नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन, क्षेत्रीय वर्चस्व और भू-राजनीतिक रणनीतियों की जटिल कहानी बन चुका है। Donald Trump के आक्रामक बयानों और लगातार हो रहे सैन्य हमलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है—क्या अमेरिका वास्तव में ईरान को “मिटाना” चाहता है, या यह एक सोची-समझी रणनीति

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अनुशासन के नाम पर असहमति का अंत? AAP में उठते असहज सवाल

आम आदमी पार्टी (AAP), जिसने अपने जन्म के समय खुद को एक वैकल्पिक राजनीति और पारदर्शी लोकतंत्र की मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया था, आज उसी कसौटी पर कठघरे में खड़ी दिखाई देती है। हाल ही में राज्यसभा सांसद और उपनेता पद पर रहे राघव चड्ढा के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई ने इस

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जब मुनाफा होता है तो चुप्पी, घाटा आते ही शोर: पेट्रोल-डीजल पर कंपनियों की दोहरी नीति का सच

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें क्यों बढ़ती हैं?असल में, तेल कंपनियां जब भारी मुनाफा कमाती हैं तो चुप रहती हैं, लेकिन जैसे ही थोड़ा घाटा होता है, कीमतें बढ़ाने का शोर शुरू हो जाता है। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि तेल कंपनियों की यह दोहरी नीति कैसे आम जनता को प्रभावित करती

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