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जनचेतना की कलम को मिला सम्मान: विनय श्रीवास्तव को ‘भारतेन्दु पत्रकारिता गौरव सम्मान-2026’

जनहित, सामाजिक सरोकार और जागरूकता को केंद्र में रखकर निरंतर लेखन करने वाले लेखक, ब्लॉगर एवं स्वतंत्र पत्रकार विनय श्रीवास्तव को ‘भारतेन्दु पत्रकारिता गौरव सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें ‘कविता-कानन साहित्य कला मंच’ की ओर से भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के जन्मदिवस के अवसर पर पत्रकारिता एवं जनचेतना के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। 9 सितंबर 2026 को बिहार के भागलपुर जिले में आयोजित इस सम्मान के प्रमाण-पत्र में उनकी पत्रकारिता, जन-जागरण और सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को आधुनिक हिंदी पत्रकारिता और हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण अग्रदूतों में माना जाता है। ऐसे व्यक्तित्व के नाम पर दिया गया पत्रकारिता सम्मान किसी भी लेखक के लिए केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उसकी लेखकीय यात्रा के प्रति समाज की स्वीकृति और जिम्मेदारी का प्रतीक भी होता है। विनय श्रीवास्तव के लिए यह सम्मान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उनकी पत्रकारिता का केंद्र केवल समाचार या घटनाओं का विवरण नहीं, बल्कि उन घटनाओं के पीछे छिपे सामाजिक प्रश्न और आमजन की आवाज को सामने लाना रहा है।

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विनय श्रीवास्तव राष्ट्रीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, समसामयिक विषयों और जनजीवन से जुड़े मुद्दों पर लेखन करते हैं। उनके लेखन में तथ्य, विश्लेषण और सामाजिक संवेदनशीलता का समन्वय दिखाई देता है। उनके अपने डिजिटल मंच Vinay Vimarsh पर प्रकाशित परिचय के अनुसार, वे पिछले एक दशक से अधिक समय से विभिन्न समाचार पत्रों, पत्रिकाओं और डिजिटल मंचों पर सक्रिय लेखन कर रहे हैं। राजनीति और शासन-प्रशासन से लेकर सामाजिक परिवर्तन, युवा चुनौतियों, ग्रामीण भारत और सांस्कृतिक विमर्श तक उनके लेखन का दायरा विस्तृत है। (VinayVimarsh)

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उनकी पत्रकारिता की एक उल्लेखनीय विशेषता यह है कि वे लेखन को केवल सूचना देने का माध्यम नहीं मानते, बल्कि उसे सामाजिक जागरूकता और विचार-विमर्श का माध्यम मानते हैं। उनके लेखों में पाठक को किसी निष्कर्ष के लिए बाध्य करने के बजाय विषय को समझने और स्वयं विचार करने का अवसर देने की कोशिश दिखाई देती है। वर्ष 2026 में प्रकाशित उनकी पहली पुस्तक ‘मन–मोदी’ भी इसी दृष्टिकोण का उदाहरण है, जिसमें पिछले दो दशकों की भारतीय राजनीतिक यात्रा को तुलनात्मक और संतुलित दृष्टि से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। पुस्तक का विमोचन नई दिल्ली के विश्व पुस्तक मेले में हुआ था। (VinayVimarsh)

विनय श्रीवास्तव की लेखकीय यात्रा में वर्ष 2026 दो महत्वपूर्ण सम्मानों के कारण विशेष बन गया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उन्हें ‘भारत वैभव सम्मान-2026’ से साहित्य, पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में सम्मानित किया गया था। इसके बाद भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के जन्मदिवस पर मिला ‘भारतेन्दु पत्रकारिता गौरव सम्मान-2026’ उनकी सक्रिय पत्रकारिता और जनचेतना के प्रति निरंतर प्रयासों को मिला एक और सम्मान है। एक ही वर्ष में मिले ये सम्मान उनकी लेखकीय यात्रा के अलग-अलग आयामों—साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक सरोकार—को रेखांकित करते हैं।

आज जब पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और डिजिटल माध्यम समाचार तथा विचार के प्रमुख मंच बन चुके हैं, ऐसे समय में जनहित से जुड़े विषयों पर लगातार लिखना अपने आप में एक चुनौती है। विनय श्रीवास्तव का लेखन इसी बदलते दौर में हिंदी पत्रकारिता की उस परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास करता दिखाई देता है, जिसमें कलम का उद्देश्य समाज को जागरूक करना, प्रश्नों को सामने लाना और संवाद की संभावना बनाए रखना है।

‘भारतेन्दु पत्रकारिता गौरव सम्मान-2026’ के रूप में मिली यह पहचान इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि यह किसी एक लेख या एक उपलब्धि का सम्मान भर नहीं, बल्कि निरंतर लिखते रहने की उस यात्रा का सम्मान है जिसमें लेखक ने पत्रकारिता को जनसरोकारों से जोड़ने का प्रयास किया है। कलम जब केवल शब्द नहीं लिखती, बल्कि समाज की पीड़ा, उम्मीद और सवालों को आवाज देती है, तभी पत्रकारिता जनचेतना का माध्यम बनती है। विनय श्रीवास्तव को मिला यह सम्मान उसी सतत लेखकीय यात्रा की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है।

✍️विनय श्रीवास्तव
लेखक | ब्लॉगर | स्वतंत्र पत्रकार

2 thoughts on “जनचेतना की कलम को मिला सम्मान: विनय श्रीवास्तव को ‘भारतेन्दु पत्रकारिता गौरव सम्मान-2026’”

  1. किशोर वेनार्जी

    मुझे विनय जी लेख वहुत खुव,
    मै ने जो लिख परे, कुछ शव्द मेरे
    पसन्द है, विनय जी ओर लिखिये.

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