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"खेला अब टीएमसी के भीतर?"
राजनीति

बंगाल में ‘खेला’ अब टीएमसी के भीतर? बागियों की बढ़ती बेचैनी, ममता की चुनौती और भाजपा के लिए खुलते अवसर”

जिस पार्टी ने एक दशक से अधिक समय तक बंगाल की राजनीति पर निर्विवाद प्रभुत्व बनाए रखा, आज उसी तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष की आवाज़ें तेज़ होती दिखाई दे रही हैं। क्या यह केवल अस्थायी संकट है या फिर बंगाल की राजनीति किसी बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ी है? पश्चिम बंगाल की राजनीति […]

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"दवाओं से परे उपचार की राह - Accupressure
प्रेरक व्यक्तित्व

दर्द से कराहती युवती, बेबस डॉक्टर और कुछ मिनट में मिला आराम: एक्यूप्रेशर विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार सिंह से खास बातचीत

आज जब आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने अभूतपूर्व प्रगति की है, तब भी देश में कुछ ऐसे चिकित्सक हैं जो प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से हजारोंलोगों को राहत पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे ही एक नाम हैं डॉ. अजय कुमार सिंह, जो पिछले लगभग 25 वर्षों से एक्यूप्रेशर चिकित्सा के क्षेत्र में निरंतर

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AI और रोजगार का भविष्य – भारत और विश्व में नौकरी पर प्रभाव 2026"
समाज और सच्चाई

क्या AI आपकी नौकरी छीनने आ रहा है… या आपके लिए करोड़ों नए अवसर पैदा कर रहा है?

भारत और विश्व की रोजगार व्यवस्था पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बड़ा असर कुछ वर्ष पहले तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केवल विज्ञान कथाओं, हॉलीवुड फिल्मों और तकनीकी प्रयोगशालाओं की चर्चा हुआ करता था। लेकिन आज AI हमारे मोबाइल फोन, बैंकिंग सेवाओं, अस्पतालों, स्कूलों, कारखानों और दफ्तरों तक पहुंच चुका है। ChatGPT, Gemini, Copilot और अन्य AI

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समाज और सच्चाई

जीवनदान का झूठा दावा या आस्था का व्यापार ? करौली दरबार जैसे चमत्कारी इलाज के दावों पर अब सख्त जांच, प्रमाण और कार्रवाई का समय है

भारत आस्था, अध्यात्म और धार्मिक परंपराओं का देश है। यहां करोड़ों लोग ईश्वर, पूजा-पाठ, भक्ति, मंत्र और आध्यात्मिक साधना में विश्वास रखते हैं। यह विश्वास सदियों से समाज को मानसिक शक्ति, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा देता आया है। लेकिन जब इसी आस्था का उपयोग किसी गंभीर बीमारी के “शर्तिया इलाज”, “जीवनदान” या “मृत्यु को टाल

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Cricket passion: Suryavanshi and Tendulkar unite
राजनीति

क्या क्रिकेट के भगवान बदलने वाले हैं? सचिन तेंदुलकर और वैभव सूर्यवंशी की तुलना पर उठते सवाल

भारतीय क्रिकेट में जब भी कोई युवा खिलाड़ी असाधारण प्रदर्शन करता है, क्रिकेट प्रेमियों की कल्पनाएं उड़ान भरने लगती हैं। कभी किसी में विराट कोहली की झलक दिखाई देती है, कभी किसी में महेंद्र सिंह धोनी का शांत स्वभाव, तो कभी किसी को अगला युवराज सिंह बताया जाने लगता है। लेकिन इन दिनों जिस नाम

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प्रेरक व्यक्तित्व

डॉ. बशीर बद्र: उर्दू ग़ज़ल के वो शहंशाह, जिनकी शायरी ने लाखों दिलों को छू लिया

91 वर्ष की उम्र में भोपाल में अंतिम सांस ली – एक भावुक श्रद्धांजलि उर्दू अदब की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जो सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन जाते हैं। डॉ. बशीर बद्र ऐसा ही एक नाम थे। उनकी ग़ज़लें सिर्फ महफ़िलों में

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