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मैन ऑफ़ टाइम – अंतर्राष्ट्रीय सदभावना मंच पर ‘मेरा भारत महान’ में गूॅंजा देशभक्त़ि का स्वर, साहित्यकारों, कलाकारों और पत्रकारों ने दिया राष्ट्रहित और विश्व़ कल्याण का संदेश

संस्थापक-अध्यक्ष कर्मयोगी कवि संदीप कपूर वक़्तनाम ने कहा- “विश्व़ गुरु भारत महान, गर्व से सुनाइए। वन्दे मातरम् कहिए, देश गीत गाइए।।”

भारत से मॉरीशस, वियतनाम, अमेरिका और लंदन (यूनाइटेड किंगडम) तक पहुॅंची “मेरा भारत महान” कार्यक्रम की गूॅंज

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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को मैन ऑफ़ टाइम – विश्व़ सुरक्षा अभियान..अंतर्राष्ट्रीय सदभावना मंच द्वारा 147वें आयोजन के रूप में ‘स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 : मेरा भारत महान’ का भव्य ऑनलाइन आयोजन किया गया। संस्थापक-अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार-साहित्यकार कवि संदीप कपूर ‘वक्त़नाम’ की अध्यक्षता में इस अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम में देश-विदेश के साहित्यकारों, कवि-कवयित्रियों, कलाकारों, पत्रकारों, शिक्षाविदों और समाजसेवियों ने सहभागिता की।

समारोह का प्रमुख विषय इस वर्ष के आधिकारिक थीम ‘वन्दे मातरम् के 150 वर्ष’ तथा ‘विकसित भारत @ 2047 के लिए युवा शक्त़ि’ पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सदभाव और भारतीय संस्कृति की भावना को मजबूत करने के साथ युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका के लिए प्रेरित करना रहा।

मेरा भारत महान देशभक्त़ि आध्यात्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार, कवि सम्मेलन के उदघाटन सत्र में संस्थापक-अध्यक्ष योग प्रशिक्षक कर्मयोगी कवि संदीप कपूर वक़्तनाम ने आदि देवी पराशक्त़ि – परब्रह्म परमेश्व़र और प्रेरणा-शक्त़ि अध्यापिका मंजु कपूर सहित सभी वीरों-संतों और शहीदों को नमन कर “जय भारत – जय जगत”, “वसुधैव कुटुंबकम् – वन्दे मातरम्” उदघोष, गुरु वंदना, प्रार्थना, मंत्रोच्चारण से मंच पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया –
ये दीप देश प्रेम का, दिलों में जलाइए।
हाॅं – वक़्तनाम आइए, देश को जगाइए।।

वरिष्ठ कलाकार कवि विजय रघुनाथराव डांगे ने वाद्ययंत्र पर संगीतबद्ध सरस्वती वंदना एवं राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् गाकर प्रस्तुत किया। नन्हीं कवयित्री विश्व़ांगी कपूर ने स्वागत गान “स्वागतम् इस्तकबाल वेलकम..मेहमान होते हैं भगवन” के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया। इसके बाद देशभक्त़ि कविताओं, गीत, संवाद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे समारोह को राष्ट्रभक्त़ि के रंग में रंग दिया।

विश्व़ गुरु भारत के राष्ट्रीय महापर्व स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मैन ऑफ़ टाइम के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष न्यूयॉर्क अमेरिका से डॉ० विजय कुमार मेहता, उद्घाटनकर्ता भारतीय विदेश सेवा IFS सौरभ कैम्पराजू, मुख्य अतिथि लंदन (यूके) से वरिष्ठ साहित्यकार कवि विवेक रंजन श्रीवास्तव, विशिष्ट अतिथि मॉरीशस से वरिष्ठ साहित्यकार डॉ० चंदा गुप्ता नेह, सेंट लुईस USA से कवि मयंक जैन, भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी एवं रामायण रिसर्च काउंसिल के न्यासी डॉ० देवदत्त शर्मा, डॉ० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’, पूर्व वायुसेना अधिकारी विष्णु गोपाल शर्मा, पूर्व वायुसेना अधिकारी एवं कवि सुधाॅंशु शर्मा, मीडिया मित्र विजय कुमार शर्मा, शैलेन्द्र कुमार गुप्ता, सुनील कुमार, अभय कुमार, हेमन्त शर्मा, कमलेश दुबे ‘विद्रोही’, रविन्द्र कुमार, विनय श्रीवास्तव, अरुण कुमार वर्मा, राहुल मिश्रा, राजकुमार साह, राजीव रंजन, महासचिव समाजसेवी संध्या कपूर, संरक्षक वरिष्ठ अधिवक्त़ा कवि शैलेन्द्र नाथ कपूर, ई० अजीत कुमार सिंह, कवि ब्रजेश कुमार प्रसाद गौरव, विजय रघुनाथराव डांगे, कार्यक्रम निर्देशक डॉ० कृष्णा सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो० डॉ० तृप्ति कुमारी तान्या ने सभी को शुभकामनाएं दीं।

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“मेरा भारत महान” सेमिनार में वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार कर्मयोगी कवि संदीप कपूर ‘वक्त़नाम’ ने अंतर्राष्ट्रीय सद्भाव, विश्व़ कल्याण, अध्यात्म, मानवता, कला-संस्कृति, राष्ट्रहित और विश्व़ शांति की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि साहित्य और संस्कृति समाज को जोड़ने तथा राष्ट्रप्रेम की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रभावी माध्यम हैं। विश्व़ गुरु भारत की सत्य सनातन संस्कृति, वसुधैव कुटुंबकम् – वन्दे मातरम् की भावना, मानवता, विश्व़ कल्याण यही हमारी मूल पहचान है। आदर्श और मर्यादा के कारण ही मेरा भारत महान है। हम भाव, विचार और कर्म से आपस में एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। सदियों से संघर्ष, विसंगतियां, त्रासदी और विभाजन की विभीषिका को हमने देखा है..भारत की सुरक्षा और विकास के लिए युवा शक्त़ि को आगे आना होगा।
“हैं सामने चुनौतियां, सबको समझाइए। दुश्मनों से फिर अपने, देश को बचाइए।।”

इस अवसर पर देश के चर्चित लेखक, कवि एवं स्वतंत्र पत्रकार विनय श्रीवास्तव ने स्वतंत्रता दिवस की प्रासंगिकता पर विचार व्यक्त़ करते हुए नागरिक कर्तव्यों को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि देश के प्रति प्रेम केवल भावनाओं और नारों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक नागरिक को अपने दैनिक जीवन और कार्यक्षेत्र में राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हुए ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज़ादी का सम्मान तभी सार्थक होगा, जब हम अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों को भी समझें। समाज में अनुशासन बनाए रखना, पर्यावरण एवं जल संरक्षण करना, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना, यातायात नियमों का पालन करना, जरूरतमंदों की सहायता करना और आपसी सद्भाव बनाए रखना भी राष्ट्रसेवा के महत्वपूर्ण रूप हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का उपयोग विकसित भारत @ 2047 के निर्माण में करने का आह्वान किया।
सेमिनार में पूर्व वायुसेना अधिकारी विष्णु गोपाल शर्मा, पूर्व वायुसेना अधिकारी कवि सुधाॅंशु शर्मा, मुख्य अतिथि कवि विवेक रंजन श्रीवास्तव, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ० तृप्ति कुमारी तान्या, संरक्षक ब्रजेश कुमार प्रसाद गौरव सहित प्रबुद्ध लोगों ने अपने विचार व्यक्त़ किए।

देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से जुड़े कवियों ने अपनी मौलिक रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सद्भाव, मानवता और भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को अभिव्यक्त़ि दी। कवि रवीन्द्र कुमार रतन, कवि सुधाॅंशु शर्मा, आशीष उपाध्याय सम, कवयित्री अक्षिता कुमारी, कवयित्री ब्राह्मी कपूर, कवि किशोर बनर्जी, शंभु शरण शरणागत, विमल कुमार, हृदय नारायण सिंह, कपिल देव कृपाला, डॉ० अजीत कुमार शांत, मंजु बरनवाल, आशीष अम्बर, शीला गुप्ता, रजनी सिंह, डॉ० सरिता चौहान, मंजु पुरोहित खंडूरी, रजनी त्यागी सहित अनेक कवि-कवयित्रियों की रचनाएं राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत रहीं।
नन्हीं बच्ची ध्रुवी ने “मेरा भारत महान, प्रकृति एवं श्री गणेश” पर और विश्व़ांगी कपूर ने “शूरवीर संभाजी महाराज” पर अपनी चित्रकारी प्रस्तुत किया। कुमार उदित और कुमार अश्मित ने कविता पाठ किया। अक्षिता कुमारी ने फ़िल्म छावा में संभाजी महाराज के किरदार द्वारा बोला गया संवाद अभिनय-“मन के जीते जीत है मन के हारे हार” प्रस्तुत किया। कवि विजय रघुनाथराव डांगे ने वाद्ययंत्र पर संगीतबद्ध रचना स्वतंत्रता गाकर सबों के अंदर देशभक्त़ि का रंग और उमंग भर दिया-“हिन्द के नौजवान सरहद की शान है। गाता रहे तिरंगा देश रक्षा की आन है.. वन्दे मातरम्” और फिर “हर-हर शंभू नमः शिवाय, कैलाशपति शिव नमः शिवाय” सुनाकर उन्होंने वातावरण को आध्यात्मिक बनाया। पत्रकार कवि विनय श्रीवास्तव ने अपनी कविता देश की खातिर सुनाई-“मर न सके हम देश की खातिर लेकिन जी तो सकते हैं”

कार्यक्रम में देशभक्त़ि सांस्कृतिक प्रस्तुतियां अभिनय, संगीत, गायन, चित्रकला, काव्य पाठ और सेमिनार जैसी गतिविधियां शामिल रहीं। बच्चे और बड़े सभी प्रतिभागी अपने स्थान से घर बैठे ऑनलाइन गूगल मीट पर शानदार प्रस्तुति दिए। प्रतिभागियों को अपनी कला प्रतिभा एवं मौलिक रचनाओं के प्रदर्शन का अवसर दिया गया तथा चयनित विशिष्ट प्रतिभागियों को ‘भारत वैभव सम्मान-2026’ प्रदान किए गए। स्वागताध्यक्ष कवि हृदय नारायण सिंह, कवयित्री ब्राह्मी कपूर, युवा कवि सुयश श्रेयस, कवयित्री विश्व़ांगी कपूर सहित मैन ऑफ़ टाइम के सभी सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में कवि विजय रघुनाथराव डांगे ने “सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे संतु निरामया” वैदिक मंत्र “ॐ पूर्णमद: पूर्ण मिदम्” शांति पाठ से कार्यक्रम का समापन किया।

मैन ऑफ़ टाइम – अंतर्राष्ट्रीय सदभावना मंच के इस आयोजन ने स्वतंत्रता दिवस को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों और नागरिक कर्तव्यों को याद करने के अवसर के रूप में प्रस्तुत किया। देशभक्त़ि से ओत-प्रोत कविताओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सार्थक विचारों के साथ संपन्न हुआ यह समारोह मेरा भारत महान और की भावना को सशक्त़ करता नज़र आया।

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