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समाज और सच्चाई

समाज और सच्चाई

आपदा में अवसर तलाशते मुनाफाखोर: आम आदमी के हक का सिलेंडर बना काले बाज़ार का सामान

जब देश किसी संकट, युद्ध की आशंका या आपूर्ति बाधित होने जैसी परिस्थितियों से गुजरता है, तब समाज के सामने दो तरह की तस्वीरें उभरती हैं। एक तरफ वे लोग होते हैं जो कठिन समय में एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आते हैं, तो दूसरी ओर कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो इसी

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समाज और सच्चाई

मोबाइल युग में अमर प्रेम की मिसाल: सुमित्रा जी और रामकिशोर जी की 51 वर्षों का अटूट साथ

पहली झलक से आजीवन विश्वास तक — एक निर्णय, जो समय की कसौटी पर खरा उतरा आज के समय में जब रिश्तों की उम्र अक्सर मोबाइल की बैटरी से भी छोटी प्रतीत होती है, तब जयपुर के मालवीय नगर में रहने वाले सुमित्रा जी और रामकिशोर जी की 51 वर्षों की वैवाहिक यात्रा एक प्रकाशस्तंभ

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समाज और सच्चाई

भक्ति और संस्कृति का दिव्य संगम: “दरबार लिंगराज का” और “करूं अर्जी मेरी मैया” का भव्य विमोचन

भुवनेश्वर। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के पावन अवसर पर जब पूरा देश विज्ञान और शोध की उपलब्धियों का स्मरण कर रहा था, उसी समय ओडिशा की धरती पर आध्यात्म और संगीत का एक अद्भुत संगम साकार हुआ। भौतिकी संस्थान, भुवनेश्वर के गरिमामय सभागार में भोजपुर दर्शन चैनल द्वारा प्रस्तुत दो दिव्य भजनों—“दरबार लिंगराज का” और “करूं

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समाज और सच्चाई

AI के दौर में क्या सिर्फ इंजीनियरिंग, मेडिकल या CA की डिग्री काफी है? जानें पिछले 5 साल के रोजगार आंकड़े और भविष्य की सही तैयारी।

एक समय था जब इंजीनियरिंग, मेडिकल और चार्टर्ड अकाउंटेंसी जैसी डिग्रियों को “सुनिश्चित भविष्य” का पर्याय माना जाता था। माता-पिता के लिए ये तीनों क्षेत्र सफलता की अंतिम मंज़िल समझे जाते थे। लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन, डेटा साइंस और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार ने रोजगार की पारंपरिक संरचना को गहराई से बदल दिया है।

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समाज और सच्चाई

अंक नहीं, आपका साहस तय करेगा भविष्य: JEE मेंस में कम स्कोर के बाद भी जीत संभव है

पहली कोशिश में ठोकर लगी है, हार नहीं—अप्रैल 2026 की परीक्षा आपका असली जवाब बन सकती है जब परिणाम स्क्रीन पर आता है और उम्मीद से कम अंक दिखते हैं, तो दिल भारी हो जाता है। ऐसा लगता है जैसे मेहनत, सपने और भरोसा—सब एक पल में बिखर गए हों। JEE Main जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा

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समाज और सच्चाई

परीक्षा में कम अंक ? जानिए क्यों अंक जीवन की अंतिम सच्चाई नहीं हैं

क्या एक रिपोर्ट कार्ड आपके पूरे भविष्य का फैसला कर सकता है?जब हम अंकों से आगे देखना सीख लेते हैं, तभी सपनों को उड़ान मिलती है और असफलता सफलता की सीढ़ी बन जाती है। अंक जीवन की अंतिम सच्चाई नहीं इतिहास इस बात का गवाह है कि परीक्षा में मिले अंक कभी भी जीवन की

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