क्या धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं की जीत है, या सरकार, विपक्ष और आंदोलन—तीनों की असली परीक्षा अब शुरू हुई है?
भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यही है कि जनता की आवाज़ अंततः सत्ता के गलियारों तक पहुँचती है। यदि किसी बड़े जनदबाव, छात्र आंदोलन और लगातार उठते सवालों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है, तो इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण घटना माना जाएगा। किसी भी मंत्री का पद […]


