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समाज और सच्चाई

भक्ति और संस्कृति का दिव्य संगम: “दरबार लिंगराज का” और “करूं अर्जी मेरी मैया” का भव्य विमोचन

भुवनेश्वर। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के पावन अवसर पर जब पूरा देश विज्ञान और शोध की उपलब्धियों का स्मरण कर रहा था, उसी समय ओडिशा की धरती पर आध्यात्म और संगीत का एक अद्भुत संगम साकार हुआ। भौतिकी संस्थान, भुवनेश्वर के गरिमामय सभागार में भोजपुर दर्शन चैनल द्वारा प्रस्तुत दो दिव्य भजनों—“दरबार लिंगराज का” और “करूं […]

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प्रेरक व्यक्तित्व

सीमित साधन, असीमित सोच: युवाओं के लिए मिसाल बने राजेश मीना

जब कोई व्यक्ति जीवन की सामान्य राहों को छोड़कर कुछ असाधारण करने का संकल्प लेता है, तब संघर्ष उसके साथी बन जाते हैं और आत्मविश्वास उसका सबसे बड़ा मार्गदर्शक। यह कहानी ऐसे ही एक व्यक्तित्व की है, जिसने अभावों से भरे बचपन को अपनी नियति नहीं बनने दिया, बल्कि उसे अपनी सफलता की नींव बना

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समाज और सच्चाई

AI के दौर में क्या सिर्फ इंजीनियरिंग, मेडिकल या CA की डिग्री काफी है? जानें पिछले 5 साल के रोजगार आंकड़े और भविष्य की सही तैयारी।

एक समय था जब इंजीनियरिंग, मेडिकल और चार्टर्ड अकाउंटेंसी जैसी डिग्रियों को “सुनिश्चित भविष्य” का पर्याय माना जाता था। माता-पिता के लिए ये तीनों क्षेत्र सफलता की अंतिम मंज़िल समझे जाते थे। लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन, डेटा साइंस और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार ने रोजगार की पारंपरिक संरचना को गहराई से बदल दिया है।

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प्रेरक व्यक्तित्व

मुकेश अंबानी बनाम अनिल अंबानी: एक विरासत, दो अलग दिशाएँ

भारत के उद्योग जगत में अंबानी परिवार का नाम केवल अपार संपत्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि दूरदृष्टि, जोखिम प्रबंधन और नेतृत्व क्षमता की गाथा भी है। Mukesh Ambani और Anil Ambani—दोनों ही Dhirubhai Ambani की विरासत के उत्तराधिकारी रहे। समान पारिवारिक पृष्ठभूमि, समान संसाधन और समान अवसर होने के बावजूद 2005 के विभाजन के बाद

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प्रेरक व्यक्तित्व

भोजपुरी अस्मिता के प्रहरी: अजीत दुबे की संघर्षगाथा

बलिया से दिल्ली तक मातृभाषा के मान-सम्मान के लिए समर्पित एक जीवन हर समाज की आत्मा उसकी भाषा होती है। भाषा केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि वह संस्कृति, परंपरा, इतिहास और सामूहिक चेतना की वाहक होती है। जब किसी भाषा की उपेक्षा होती है, तो दरअसल उस समाज की अस्मिता पर प्रश्नचिह्न लग जाता

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अध्यात्म

श्री कृष्ण का जीवन: त्याग, मित्रता और नेतृत्व का आदर्श

भारतीय संस्कृति और धर्म में भगवान श्री कृष्ण का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। वे केवल एक देवता नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक पहलू का आदर्श हैं। उनके जीवन में त्याग, मित्रता, प्रेम, धर्म और नेतृत्व का अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। चाहे वह बचपन की लीलाएँ हों, युद्ध की रणनीतियाँ हों या समाज और

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