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समाज और सच्चाई

अंक नहीं, आपका साहस तय करेगा भविष्य: JEE मेंस में कम स्कोर के बाद भी जीत संभव है

पहली कोशिश में ठोकर लगी है, हार नहीं—अप्रैल 2026 की परीक्षा आपका असली जवाब बन सकती है जब परिणाम स्क्रीन पर आता है और उम्मीद से कम अंक दिखते हैं, तो दिल भारी हो जाता है। ऐसा लगता है जैसे मेहनत, सपने और भरोसा—सब एक पल में बिखर गए हों। JEE Main जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा […]

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प्रेरक व्यक्तित्व

‘मन–मोदी’ पुस्तक समीक्षा: विनय श्रीवास्तव की पहली किताब की विश्व पुस्तक मेले तक की प्रेरक यात्रा

जब सपनों ने पहचान से बड़ी उड़ान भरी लेखन केवल शब्दों का संयोजन नहीं होता, वह आत्मा की अभिव्यक्ति होता है। कभी-कभी एक पुस्तक लेखक की पहचान नहीं, बल्कि उसके जीवन की साधना बन जाती है। साहित्य की दुनिया में अक्सर यह माना जाता है कि पाठक पहले लेखक का नाम देखता है, फिर उसकी

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प्रेरक व्यक्तित्व

🌍गांव की पगडंडी से अमेरिका तक

हिंदी माध्यम के छात्र मयंक जैन की अद्भुत उड़ान और मातृभाषा के आत्मविश्वास की वैश्विक जीत भारत के छोटे शहरों और गांवों में आज भी अनगिनत प्रतिभाएँ जन्म लेती हैं। वे सपने भी देखती हैं और उन्हें पूरा करने का साहस भी रखती हैं। लेकिन अक्सर भाषा, संसाधनों की कमी और अवसरों की सीमाएँ उनके

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समाज और सच्चाई

परीक्षा में कम अंक ? जानिए क्यों अंक जीवन की अंतिम सच्चाई नहीं हैं

क्या एक रिपोर्ट कार्ड आपके पूरे भविष्य का फैसला कर सकता है?जब हम अंकों से आगे देखना सीख लेते हैं, तभी सपनों को उड़ान मिलती है और असफलता सफलता की सीढ़ी बन जाती है। अंक जीवन की अंतिम सच्चाई नहीं इतिहास इस बात का गवाह है कि परीक्षा में मिले अंक कभी भी जीवन की

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राजनीति

सरकार बदली, पीड़ा नहीं: डीटीसी पेंशनर्स की कराहती ज़िंदगी और सत्ता से सीधा सवाल

सरकारें बदलती रहीं, चेहरे बदले, दावे और वादे भी नए होते गए—लेकिन दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के पेंशनर्स की ज़िंदगी जस की तस बनी हुई है। सत्ता बदले एक वर्ष हो चुका है, पर जिन बुजुर्गों ने पूरी उम्र ईमानदारी से दिल्ली की सेवा की, उनकी पीड़ा आज भी अनसुनी है। सरकार बदली, हालात क्यों

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