शब्दों के संसार से जीवन की यात्रा तक…

प्रसिद्ध लेखक, व्यंग्यकार, नाटककार, कवि एवं शोधपरक लेखक श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव जी से विशेष बातचीत कुछ बातचीत केवल बातचीत नहीं होतीं। वे हमें स्मृतियों की उन गलियों तक ले जाती हैं, जहाँ बचपन आज भी जीवित रहता है—पिता की उँगली, साइकिल की छोटी-सी सीट, नर्मदा का शांत प्रवाह, मेले-त्योहार, किताबों की खुशबू और जीवन … Continue reading शब्दों के संसार से जीवन की यात्रा तक…