जनादेश का अपमान कब तक? हारते ही लोकतंत्र पर सवाल उठाना विपक्ष की खतरनाक प्रवृत्ति

भारतीय लोकतंत्र केवल एक राजनीतिक व्यवस्था नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों की आस्था, विश्वास और सहभागिता का जीवंत प्रतीक है। यह वह व्यवस्था है जिसमें देश का एक साधारण नागरिक भी अपनी उंगली पर लगी स्याही के माध्यम से सत्ता की दिशा तय करता है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में चुनाव केवल सरकार बनाने … Continue reading जनादेश का अपमान कब तक? हारते ही लोकतंत्र पर सवाल उठाना विपक्ष की खतरनाक प्रवृत्ति