लोकतंत्र में असहमति जरूरी, लेकिन भाषा की मर्यादा उससे भी ज्यादा जरूरी
भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती यह रही है कि यहां सत्ता और विपक्ष दोनों को अपनी बात कहने की पूरी स्वतंत्रता मिली हुई है। सरकारों की आलोचना होती रही है, नीतियों पर सवाल उठते रहे हैं और जनता के बीच तीखी राजनीतिक बहस भी होती रही है। यही लोकतंत्र की आत्मा है। लेकिन लोकतंत्र … Continue reading लोकतंत्र में असहमति जरूरी, लेकिन भाषा की मर्यादा उससे भी ज्यादा जरूरी
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