“तनख्वाह बढ़े चवन्नी, महंगाई बढ़े रुपैया” — आखिर प्राइवेट सेक्टर का कर्मचारी कब तक पिसता रहेगा ?

1. हर महीने की पहली तारीख का डर और मिडिल क्लास की टूटती उम्मीदें कभी भारतीय मिडिल क्लास को देश की सबसे मजबूत रीढ़ कहा जाता था। वही मिडिल क्लास जो सुबह से रात तक मेहनत करता है, टैक्स देता है, बच्चों की पढ़ाई का सपना देखता है, बुजुर्ग माता-पिता की दवा खरीदता है और … Continue reading “तनख्वाह बढ़े चवन्नी, महंगाई बढ़े रुपैया” — आखिर प्राइवेट सेक्टर का कर्मचारी कब तक पिसता रहेगा ?